बागवानी कैसे करें (How to do Gardening)


लोगो के लिये बागवानी करना न केवल पसंदीदा शौक होता है बल्‍कि उनकी रूचि भी होती है। भारत में मौसम कई प्रकार का होता है, मतबल हर समय बदलता रहता है। जब बात बागवानी की आती है तो हम हमेशा मौसम को देख कर ही पौधे लगाते हैं। मौसम में बदलाव भी बागवानी करने की विधि पर असर डालते हैं। इस तरह से भारत में बागवानी का तरीका बहुत अलग बन जाता है। 

हर सीजन में पेड़ पौधों को स्‍वस्‍थ रहने के लिये एकस्‍ट्रा केयर की आवश्‍यकता होती है। बगीचे को मेंटेन रखना तभी ही मुनासिब है जब आप मौसम का ख्‍याल रखें। एक अच्‍छे तरीके से लगाया गया पौधा पूरे साल लगा रह सकता है। 

अगर आप चाहते हैं कि आपके बगीचे में पेड-पौधे सालों साल खिले रहें तो, आपको उस पर थोड़ा समय और एनर्जी खर्च करनी होगी। तो आइये जानते हैं कुछ गार्डनिंग टिप्‍स जो आपके बगीचे को सालों साल सुदंर बनाए रख सकते हैं। पौधों का चुनाव पौधों का चुनाव हमेशा मौसम के हिसाब से करना चाहिये क्‍यूंकि भारत का मौसम हमेशा अपने चरम पर होता है। कम रखरखाव ऐसे पौधे चुनिये जिनकी देखभाल करने में कोई परेशानी ना हो। 

हर मौसम में बगीचे में लगाए हुए पौधों की देखभाल करना मुश्‍किल काम होता है इसलिये कम रखरखाव वाले पौधे चुनिये। लंबे जीने वाले पौधे अगर आपने कम जीने वाले पौधे खरीदे तो आपको दुबारा अपने बगीचे में काम करना पड़ जाएगा। हमेशा लंबे सालों तक जीने वाले पौधे ही लगाएं। 

मौसमी फूल अगर आपने मौसम के हिसाब से फूल के पौधे का चुनाव कर लिया है तो, आप इन्‍हें हमेशा के लिये बरकरार रख सकते हैं। इस तरह आपका बगीचा हमेशा फूलों से भरा रहेगा। बचाव भी जरुरी पौधे ऐसे लें जो अपना बचाव खुद की कर सकें। इससे आपके बहुत पैसे बचेंगे और बेमतलब का काम भी नहीं बढेगा। 

सही समय पर पानी देना मौसम के अनुसार पौधों को पानी देने का समय भी बदलना चाहिये। बारिश के समय भी अपने पौधों को बचा कर रखना चाहिये नहीं तो ज्‍यादा पानी उन्‍हें बरबाद कर सकता है। हवा और रौशनी हवा और रौशनी का ऐसा प्रबंध होना चाहिये कि बगीचे के पौधे अच्‍छी तरह से बढ सकें। हर मौसम में सूरज की रौशनी अलग अलग तरह की हो सकती है इसलिये पौधों की जगह भी बदलते रहें.
Share on Google Plus

About Website www.hindi.men