मेथी के लडडू बना कर खाएं साल भर फिट रहें – Methi Ke Laddu


मेथी के लडडू Methi Ke Laddu सर्दी में खाये जाने वाले पोष्टिक नाश्ते में से एक है। यह मेथी दाना से बनाया जाता है। मेथी बहुत लाभदायक होती है। विशेषकर जोड़ों ( Joints ) के लिए यह बहुत फायदेमंद है।
इसकी तासीर गर्म होती है इसलिए इसे सर्दी के मौसम में खाना ही उचित होता है।

मेथी के लडडू बनाने की सामग्री – Methi ke laddu ki samagri

मेथी दाना                           100  ग्राम
गेंहू का मोटा आटा                 350  ग्राम
देसी घी                             250  ग्राम
गोंद ( खाने वाला )               100   ग्राम
नारियल गोला                           1  नग (  मीडियम साइज़ )
धनिया मिंजी                           50 ग्राम
दूध                                      2  कप
बादाम                               100  ग्राम
सोंठ                                  20   ग्राम
काली मिर्च                           20   ग्राम
पीपलामूल                             10  ग्राम
दालचीनी                               5   ग्राम
पीपल                                 5 -6 पीस
खरबूज  के बीज                      20  ग्राम
बूरा                                  200  ग्राम
गुड़                                   200  ग्राम

मेथी के लडडू बनाने की विधि – Methi ke laddu ki vidhi

—   मेथी दाना को पानी से धोकर एक कपड़े पर फैलाकर सुखा लें ।
—   सूखने के बाद मेथी को को दरदरा सूजी जैसा पीस ले। बहुत बारीक ना पीसें।
—   दूध को उबाल कर ठण्डा कर ले।
—  एक बर्तन में दो कप दूध व आधा कप घी अच्छी तरह मिक्स कर दे और इसमें मोटी पीसी मेथी डालकर 5 -6 घण्टे के लिए भीगने के लिए रख दे। 5 -6 घण्टे बाद मेथी दूध को सोख लेगी। अब आप मेथी को हाथ से हल्का हल्का मसल ले इससे मेथी खुल्ली खुल्ली हो जाएगी। इस तरह मेथी तैयार हो गयी है।
—   नारियल को कददूकस से कस कर रख ले।
—   बादाम को काट लें।
—  सोंठ , पीपलामूल , पीपल , दालचीनी बारीक पीस लें।
—   कढ़ाई में एक कप घी लेकर गर्म करे अब एकदम धीमी आँच पर काली मिर्च को हिलाते हुए हल्का सा तल कर निकाल लें। काली मिर्च गर्म घी में डालने पर ऊपर आ जाती है तब इसे तैयार समझें। कालीमिर्च को ठंडा होने दे। ठंडे होने के बाद काली मिर्च को मोटा मोटा पीस ले आप चाहे तो साबुत भी रख सकते है।
—   बचे हुए घी में गोंद डालकर धीमी आँच पर तल ले। ठंडे होने पर गोंद को कटोरी के पिछले हिस्से से या बेलन से दबा कर पीस लें।
—   कढ़ाई में बचा हुआ घी डाल कर गर्म करे व गेंहू का मोटा आटा डालकर घी में धीमी धीमी आँच पर हिलाते हुए भूरा होने तक सेकें।
—   जब आटा सुनहरा भूरा सिक जाये तो इसमें ऊपर तैयार की गयी मेथी डाल कर 4 -5 मिनिट सेक कर गैस बंद कर दें।
—   एक दूसरी कढ़ाई में एक चम्मच घी डालकर उसमे बारीक़ कटा गुड़ डालकर पिघलाकर चाशनी बना लें । गुड़ पिघलने के बाद एक दो उबाल आने पर चाशनी तैयार हो जाती है ।
—  इस गुड़ की चाशनी को आटे व मेथी के मिश्रण में डाल कर मिला लें।
—   अब इसमें बादाम , खरबूज के बीज , कसा हुआ नारियल , धनिया मिंजी , गोंद , सोंठ आदि का पिसा मिश्रण , काली मिर्च व बूरा डाल कर अच्छे से मिक्स कर दें ।
—   थोड़ा ठंडा होने पर हाथ पर घी लगा कर लडडू बना लें ।
मेथी के लडडू

मेथी के लडडू बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें

Methi ke laddu Tips
—  ऊपर दी गई मात्रा से  20 – 25  लडडू बना लें।
—   एक लडडू रोजाना सुबह खूब चबा चबा कर खाना चाहिए।
—  मेथी को बहुत बारीक़ नहीं पीसना चाहिए।
—  गोंद को ध्यान पूवर्क तलना चाहिए। गोंद जल कर लाल नहीं होने चाहिए।
—  गुड़ ज्यादा उबलने पर लडडू कड़क हो सकते है, अतः गुड़ को ज्यादा न उबालें।
—  मेथी के लड्डू बनाने के बाद 2 -3 घण्टे के लिए खुले ही रखें । उसके बाद कंटेनर में रखें।
— धनिया मिंजी बनाने के लिए 250 ग्राम साबुत धनिया ग्राइंडर में डालकर 2-3 सेकेण्ड के लिए चलायें। ऐसा तीन चार बार करें फिर धनिया थाली में लेकर फटक ले।
ऐसे ही ग्राइंडर में धनिये को एक बार ओर चलाये और फटक ले।  इससे थाली में धनिये के छिलके आगे व पीछे मोटी मोटी धनिया मिंजी रह जाएगी। पीछे वाली धनिया मिंजी अलग कर लें। धनिया मिंजी तैयार है।
लडडू में डालने के लिए इसे मिक्सी में सूजी जितना बारीक पीस कर काम में लें।
धनिये की मींजी
—  लड्डू में मीठे के लिए सिर्फ गुड़ या सिर्फ बुरा डाल कर भी इन्हें बना सकते है।

मेथी के लडडू खाने का तरीका

यह एक आयुर्वेदिक नाश्ता है। इसका पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे सही तरीके से खाया जाता है। इसके कुछ परहेज करने से अधिक फायदा होता है।
इन्हें सुबह जल्दी खा लेना चाहिए। इसके ऊपर गुनगुना मीठा दूध जरूर पीना चाहिए। इसे खाने के तीन घंटे बाद ही भोजन करें ताकि तब तक ये पूरी तरह पच जाएँ। जब तक लडडू खा रहे हैं तब तक खटाई जैसे नींबू , अमचूर , इमली , टाटरी आदि ना लें।
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