आंवला चूर्ण बनाने की विधि और उपयोग – Avla Churn Vidhi And Uses


आंवला चूर्ण Amla Churn का उपयोग आंवले के उपयोग का एक आसान तरीका है। आंवला शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है , बुढ़ापे को रोकता हैं व यौवन को बनाये रखने में सहायक होता है।
आंवला विटामिन “सी ” से भरपूर होता हैं। इसका विटामिन “सी” चूर्ण से भी प्राप्त हो जाता है। आंवला मुरब्बा , आंवला केण्डी , आंवला जैम , आंवला सुपारी , आंवले का अचार , आंवले की लोंजी आदि आंवला उपयोग में लाने के अन्य विकल्प हैं।
आंवले के चूर्ण का उपयोग पूरे साल किया जा सकता है। आंवला चूर्ण  त्रिफला चूर्ण  trifla churn बनाने में  , बालो के लिए आँवले का तेल बनाने में भी काम में लिया जाता हैं।आंवला चूर्ण

आंवला चूर्ण के फायदे व उपयोग –

Avla Churan Benefits and Uses

—   एक चम्मच आंवला चूर्ण पानी के साथ रोजाना लेने से चेहरे के दाग धब्बे दूर होते हैं व चेहरे की कांति बनी रहती हैं।
—   दो चम्मच आँवला पाउडर रात को एक  गिलास  पानी में भिगो दें। गिलास कांच का लें। सुबह पानी छान कर इस पानी से चेहरा धोएँ। ऐसा नियमित रूप से करने से चेहरे की झुर्रिया और झाइयां ठीक होती हैं।
—  खाना खाने के साथ दो चम्मच आँवला चूर्ण नियमित खाने से अधिक उम्र होने पर जोड़ों के दर्द और  व हड्डियों  की तकलीफ से बचाव होता है ।
— नियमित रूप से दोनों समय खाना खाने के बाद एक चम्मच आँवला चूर्ण पानी के साथ  लेने से  सिरदर्द , गैस , आँखों की जलन , हाथ पैरों की जलन व दमा आदि में राहत मिलती हैं।  इससे स्मरण शक्ति बढ़ती हैं , रक्त की कमी दूर होती हैं तथा लीवर मजबूत होता हैं।
—  एक गिलास पानी में दो चम्मच आँवला पाउडर मिला कर उबाल लें। ठंडा होने पर छान लें। इसे मिश्री मिलाकर पीने से भोजन के प्रति अरुचि ठीक होती हैं व खुलकर भूख लगती हैं।
—  बारीक़ पीसे हुए  Amla powder में कुछ बूंदे सरसों का तेलमिलाकर हल्के हाथ से दांतो पर मलने से मसूड़ों से खूनआना पायोरिया रोग में आराम आता है।
—  एक गिलास पानी में दो चम्मच आंवला चूरन और स्वादानुसार गुड़ या मिश्री डालकर उबाल लें , जब आधा रह जाये तो छानकर पिएँ। इस तरह सुबह शाम दो बार लेने से माहवारी के समय होने वाली पीड़ा कम हो जाती हैं।

आंवला चूर्ण बनाने की विधि – Avla Powder making

—  ताजे और दाग रहित आंवलो को पानी से धो लें। इन्हें एक घण्टे के लिए पानी में भिगो दें।
—  इन्हें दूसरे बर्तन में डालकर पकने तक पानी में उबाल लें।
—  उबलने के बाद आंवलो को ठंडा होने के लिए  छोड़ दें ।
—  आँवले ठंडे होने पर फांक अलग कर लें और गुठली निकालकर फेंक दें ।
—  आँवले की फांको को किसी प्लास्टिक शीट पर फैलाकर सूखने के लिए रख दें।
—  तेज धूप में आठ-दस दिन सुखाए।
—  जब आंवले अच्छी तरह सूख जाये तब इन्हें हमाम दस्ते में कूट कर छोटे छोटे टुकड़े कर लें।
—  अब इन टुकड़ो को मिक्सी में एकदम बारीक़ पीस लें।
—  पिसे हुए आँवले के पाउडर को बारीक छलनी से छान लें।
—  छानने  के बाद चलनी में जो मोटा आंवला पाउडर रह जाता है उसे वापस मिक्सी में डालकर पीस लें।
—  छने हुए बारीक़ पाउडर को एयर टाइट डिब्बे में भरकर रख लें।
—  आंवला चूर्ण तैयार है। इसे जरूरत के अनुसार उपयोग में लें।

आंवला चूर्ण बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें

—  आंवलो को कच्चा काटकर व सुखाकर भी आंवला चूरन बना सकते लेकिन उबालकर बनाना ज्यादा आसान होता है।
—  आंवलो को अच्छी तरह सूखने दें ताकि लम्बे समय तक आंवला पाउडर खराब नहीं हो।
—  सूखने के लिए आंवलो को फैलाकर सुखाए व रोज एक बार हाथ से थोड़ा उलट पलट कर लें।
—  आंवला सूखने के बाद बहुत ही कड़क हो जाता है इसीलिए पहले हमाम दस्ते में कूटने के बाद ही मिक्सी में पिसे अन्यथा मिक्सी की ब्लेड टूट सकती हैं।
—  बाजार में मसाले चक्की पर यदि आंवलो को पीसने की सुविधा हो तो बाजार में भी पिसवा सकते हैं।
—  आंवलो को सुखाते समय मिट्टी व मक्खियों से बचाने के लिए बारीक़ कपड़े से ढक सकते है।
—  आंवला चुरन एक साल तक उपयोग में लिया जा सकता हैं।
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