आंवले का अचार इस सरल विधि से बनायें – aavle ka achar vidhi


आंवले का अचार Aavle Ka Achar , लोंजी , चटनी आदि स्वादिष्ट होने के साथ ही फायदेमंद भी होते है। ये भोजन को रुचिवर्धक बनाते है। आंवला किसी भी रूप में खाना फायदेमंद है। आइये जानें आँवले अचार कैसे बनता है।
एक आंवले में तीन संतरो के बराबर विटामिन सी होता है। आँवला मधुमेह , नकसीर , दिल की बीमारियों , खाँसी , बलगम ,पथरी आदि के लिए मददगार साबित होता है। इसके नियमित सेवन से रोग प्रीतिरोधक क्षमता बढ़ती है अतः आँवले का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।
आंवले का अचार बनाने की सामग्री और विधि इस प्रकार है :-

आंवले का अचार सामग्री – Avla Achar samagri

आंवले                               500  ग्राम
लाल मिर्च  पाउडर                   4  चम्मच
नमक                                 4  चम्मच
हल्दी पाउडर                         2  चम्मच
तेल                                      2  कप
राई  मोटी पिसी                      4  चम्मच
मेथी दाना                             3  चम्मच
सौंफ दरदरी पिसी                    3  चम्मच
कलौंजी                           1 /2  चम्मच
हींग                               1 /4  चम्मच

आंवले का अचार विधि – Amla Achar vidhi

—  एक बरतन  में पानी लेकर उस पर चलनी रखे। चलनी पर आंवले स्टीम होने के लिए रखे। आप सीधे पानी में उबाल भी सकते है परन्तु सीधे उबालने से आंवले अधिक गल सकते है।
—  आंवले अच्छी तरह स्टीम से पकने के बाद ठंडा होने पर आंवले की कलियां ( फांक ) अलग कर ले व गुठलियां फेंक दे।
—  एक साफ कपड़े पर फैला कर थोड़ा सुखा लें आंवलो में पानी बिलकुल नहीं होना चाहिए।
—  कढ़ाई में तेल गरम करे।
—  दो दाने सौंफ के डाल कर देखे यदि सौंफ तुरन्त ऊपर आ जाये तो समझो की तेल सही गरम हो गया है।
—  गैस बंद कर दे।
—  दस पंद्रह सेकेण्ड रुकने के बाद इस तेल में हींग , राई , मेथी दाना , डालकर भूने।
—  सौंफ और कलौंजी डाले।
—  अब पहले नमक डाले इससे तेल का तापमान थोड़ा कम हो जायेगा।
—  हल्दी पाउडर , लाल मिर्च पाउडर डाले। ज्यादा गर्म तेल में लाल मिर्च व हल्दी डालने से जल जाते है और अचार काला पड़ जाता है इसलिए हल्दी व मिर्च डालने से पहले तेल का तापमान देख ले , इस समय तेल गुनगुना ही होना चाहिए।
—  अब आंवले डाल कर अच्छी तरह मिला ले।
आंवले का अचार तैयार है। अचार को चार -पांच दिन तक रोज साफ़ चम्मच से हिलाये यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है  इससे अचार खराब नहीं होता और मसाले भी बराबर मिक्स हो जाते है। तीन-चार दिन बाद अचार खाने के लिए तैयार हो जाता है। अचार तेल में डूबा रहे तेल ऊपर तक रहे इससे अचार खराब नहीं होगा।

ध्यान रखने योग्य बाते – Amla achar Tips

—  आंवले बिना दाग वाले व ताजे होने चाहिए।
—  आंवले उबलने के बाद कच्चे या अधिक पके नहीं होने चाहिए।
—  आंवले पकाने के बाद सुनिश्चित कर लें  कि आंवलो में पानी ना हो अन्यथा अचार के ख़राब होने की सम्भावना बढ़ जाती है। 
—  तेल में मसाले जलें नहीं इसका ध्यान रखना चाहिए ।
—  कुछ दिनों तक अचार रोज एक साफ चम्मच से हिलाते रहे।
—  अचार को साफ व सूखी कांच की बरनी में भरे।
—  अचार भरने से पहले सिरका ( विनेगर ) में रुई या कपड़ा गीला करके बरनी के चारो तरफ लगाने से अचार खराब नहीं होगा।
—  अचार हमेशा तेल में डूबा रहे।
इन छोटी -छोटी सावधानियों से आप स्वादिष्ट आंवले के अचार का भरपूर मजा अधिक समय तक ले पाएंगे।
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